क्या सिर्फ युधिष्ठीर द्रौपदीका पति था ?
आर्य समाजीओ के अनुसार द्रौपदी के 5 पति ना होकर केवल युधिष्ठीर उसका 1 पति था.
भले हि आर्य समाजीओ ने 85 हजार से 90 हजार श्लोक को प्रक्षिप्त घोषीत कर के अपने संस्करण से हटा दिया है
लेकिन उनके द्रौपदी का 1 पति होने के दावे खंडन गिताप्रेस और अन्य प्रकाशनो कि महाभारत मे उपलब्ध है.
आदिपर्व 190 के 16 वे श्लोक मे आता है 👇
द्रौपदीको लेकर सब भाईयो मे फुट ना पड जाये इस भयसे राजाने अपने सभी बंधुओ से कहा कल्याणमयी द्रोपदी हम सब लोगों की पत्नी होगी.
(गिताप्रेस,महाभारत आदिपर्व, पृष्ठ 551)
एक और प्रमाण देखे
कुंती द्रौपदी को आशिर्वाद देते हुये कहती है 👇
जैसे इंद्राणी इंद्र मे,स्वाहा अग्नी मे,रोहिणी चंद्रमा मे,दमयंती नल मे,भद्रा कुबेर मे,अरुंधती वसिष्ट मे तथा लक्ष्मी नारायण मे भक्तीभाव एव प्रेम रखती है,उसी तरह तुम अपने पतीओ मे उसी तरह तुम भी अपने पतीओ मे अनुरक्त रहो.
(आदीपर्व 198, श्लोक 5/6)
यहा पती कि जगह पतीयों मे (अनेकवचनी शब्द है)
ये भी एक प्रमाण है कि द्रोपदी के 5 पती थे.
इतना हि नही आदिपर्व 220 मे किस पति से कौनसा पुत्र उत्पन्न हुआ इसका भी उल्लेख है
युधिष्ठीर और द्रौपदी का पुत्र प्रतिविंध्य,भिमसेन और द्रौपदी का पुत्र सुतसोम,अर्जुन और द्रौपदी का पुत्र श्रुतकर्मा,नकुल और द्रौपदी का पुत्र शतानीक तथा सहदेव और द्रौपदी का पुत्र श्रुतसेन.
इन पाच महारथी पुत्रो को द्रौपदी ने उसी प्रकार जन्म दिया जैसे आदितिने बारा आदित्योको
(महाभारत,आदिपर्व 220, श्लोक 79/80)
इन सब प्रमाणो से सिद्ध है कि द्रौपदी के 1 नही 5 पांडव पति थे.
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